HomeUncategorizedआबकारी विभाग के बिना अनुमति के चलते फिरते आहते

आबकारी विभाग के बिना अनुमति के चलते फिरते आहते

प्रदीप कुमार गांगले

कार्यवाही के नाम पर केवल दिखावा

खरगोन । जिले में अवैध शराब को लेकर वाहवाही लूटने वाले अधिकारी जनता के साथ खुली लूट कर रहे ठेकेदारों के हाथ की कठपुतली बन कर काम कर रहे हैं। हर माह लाखों की लूट कर हर साल ठेका रिनिवल का खेल चल रहा अधिकारियों की सांठ गांठ से नियमों को भी तांक में रखकर शराब के शौकीनों पैसा ऐंठा जा रहा हैं

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कच्ची शराब पर कार्यवाही में अव्वल खरगोन के अधिकारी आदिवासियों की परंपरा को धूमिल कर शराब ठेकेदारों को लाभ के अधिकारी खरगोन में मिले । जिस पर कई बार जनप्रतिनिधियो तक बात गई लेकिन सफेदपोश लोगों के कान पर जू तक नहीं रेंगी ।

खरगोन शहर में जितनी शराब दुकान हे उससे कई ज्यादा आहते हैं जिनसे बात करने पर पता लगता है कि शराब ठेकेदार के लिए काम हो रहा हैं जोकि प्रतिबंधित है । खुले में तो कुछ दुकान पर पैसे दे कर बैठक भी जमा ली हैं जिन पर आबकारी विभाग कोई कार्यवाही नहीं करता सारे अधिकारी यही से आंखे मूंद कर गुजरते हैं।

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प्रिंट से ज्यादा भाव में बेच रहा ठेकेदार शराब मजदूर जहां दिन भर की मजदूरी कर के पैसा कमा रहा है वहीं शराब ठेकदार लोगो को लूटने के लिए अधिकतम मूल्य से भी ज्यादा भाव में शराब बेच कर लोगों की जेब काट रहा हैं । खरगोन शहर में शराब आपको महंगे दाम में मिलेगी क्योंकि यहां आबकारी एक्ट की धज्जियां उड़ाने में माहिर अधिकारी बैठ गए हैं जिससे शराब के शौकीन ठेकेदार के गुलाम हैं । देखने में यह भी आया कि जो अधिकारी पहले से ही सवालों के घेरे में थे वो आला अधिकारी बन खरगोन जिले में सरकार को धोखा दिया जा रहा हैं

और अंत में

अधिकारी जनता की क्यों नहीं सुन रहे यह सवाल है क्योंकि सूबेदार ही चोर हे तो डर का हे का यही पूरे जिले की परेशानी है । यह अधिकारी कम ठेकेदार अपनी सिविल के चकर में जनता से धोखा कर रहे वही ठेकेदार मेहनती लोगों के जेब पर खूब डाका डाल रहा है। यह खेल विगत माहों में जिले में खूब फल फूल रहा हैं जिस पर कोई अंकुश नहीं । सूत्रों की माने तो जिले के हर शराब दुकानों के बाहर ये आहते चलाने वाले लोग भी ठेकेदार के जो मोटी कमाई का जरिया बन बैठे हैं। जबकि मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री के आदेश की अवहेलना है ।

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