प्रदीप कुमार गांगले
खरगोन। भीषण गर्मी के बीच टेमला ग्राम में पेयजल संकट ने विकराल रूप ले लिया है। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि पिछले 10 दिनों से गांव के नलों में पानी तक नहीं आया, जिससे परेशान ग्रामीण आखिरकार सड़कों पर उतर आए और चक्काजाम कर प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया।ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पानी की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है, लेकिन जिम्मेदार लोग आंख मूंदकर बैठे हुए हैं। महिलाएं और बच्चे सुबह से लेकर देर शाम तक पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं। कई परिवारों को दूर-दराज क्षेत्रों से पानी लाना पड़ रहा है, जबकि भीषण गर्मी में पीने के पानी का संकट लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरपंच प्रतिनिधि भगवान पाटीदार एवं ग्राम सचिव रमेश पाटीदार को कई बार समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई। केवल आश्वासन देकर ग्रामीणों को टालने का काम किया जा रहा है, जबकि गांव की जनता बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रही है।ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत स्तर पर लापरवाही और उदासीनता के कारण गांव में यह स्थिति निर्मित हुई है। करोड़ों रुपये की योजनाओं और विकास के दावों के बावजूद ग्रामीणों को आज भी मूलभूत सुविधा के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब गांव में 10 दिनों तक नलों में पानी नहीं आता और जिम्मेदार मौन बने रहते हैं, तो यह सीधे तौर पर प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है।चक्काजाम के दौरान ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। ग्रामीणों ने साफ कहा कि अब जनता केवल खोखले आश्वासन नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर काम चाहती है।
मोटर खराब हो गई थी सुधार दी जाएगी अभी टैंकर की व्यवस्था कर दी गई हैं जल्द नहर से भी पानी मिलने लगेगा ।
रमेश पाटीदार सचिव टेमला



