प्रदीप कुमार गांगले
किसानों की समस्याओं को लेकर रुणगांव में आज विशाल किसान महासभा, किसानों से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान
खरगोन। किसानों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ द्वारा विकासखंड खरगोन के ग्राम रुणगांव में रविवार 7 जून 2026 को विशाल किसान महासभा एवं आमसभा का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम शाम 7 बजे से 10 बजे तक आयोजित होगा, जिसमें क्षेत्र के किसानों, मजदूरों, युवाओं एवं आमजन को आमंत्रित किया गया है।
महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि किसानों के सामने वर्तमान में बढ़ती महंगाई, कृषि लागत में वृद्धि, भूमि अधिग्रहण, खाद वितरण व्यवस्था में अनियमितताएं, नकली खाद-कीटनाशकों की समस्या तथा कृषि उपज के उचित मूल्य जैसे कई गंभीर मुद्दे हैं। इन्हीं समस्याओं को लेकर किसानों को संगठित कर उनकी आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह महासभा आयोजित की जा रही है।
संगठन का कहना है कि देशगांव-जुलवानिया राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण एवं अन्य विकास परियोजनाओं से प्रभावित किसानों को उनकी जमीन, खेत, मकान और खलिहानों का उचित मुआवजा नहीं मिल रहा है। वहीं हाईटेंशन लाइन परियोजनाओं से प्रभावित किसानों को भी पर्याप्त राहत नहीं मिल पा रही है। महासंघ का आरोप है कि खाद वितरण व्यवस्था में व्याप्त खामियों और नकली खाद-कीटनाशकों के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
महासभा में किसानों की प्रमुख मांगों में राष्ट्रीय राजमार्ग से प्रभावित किसानों को बाजार मूल्य अथवा भूमि अधिग्रहण का चार गुना मुआवजा देने, प्रत्येक किसान परिवार को शासकीय नौकरी प्रदान करने, हाईटेंशन लाइन से प्रभावित किसानों को न्यायोचित मुआवजा देने, खाद वितरण व्यवस्था को दुरुस्त करने, प्रत्येक जिले में नकली खाद एवं कीटनाशकों की जांच के लिए प्रयोगशाला स्थापित करने तथा किसानों को ऋणमुक्त करने की मांग शामिल है। इसके साथ ही समर्थन मूल्य से कम कीमत पर कृषि उपज की खरीदी होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग भी उठाई जाएगी।
महासभा को संबोधित करने के लिए प्रदेश संगठन मंत्री एवं मुख्य वक्ता गोपाल पाटीदार, मालवा-निमाड़ प्रांताध्यक्ष रामेश्वर गुर्जर, निमाड़ प्रांत अध्यक्ष जगदीश यादव, जिला अध्यक्ष किशोर पाटीदार तथा विकासखंड खरगोन अध्यक्ष सुखदेव पाटीदार उपस्थित रहेंगे।
आयोजकों ने क्षेत्र के किसानों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में पहुंचकर अपनी समस्याओं और अधिकारों की लड़ाई को मजबूत बनाएं। महासंघ का कहना है कि किसानों की एकजुटता ही उनकी समस्याओं के समाधान का सबसे बड़ा माध्यम है।



