मिलिंद गांगले
खरगोन। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर से “श्री श्याम रसोई चलित भंडारा” के माध्यम से शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों एवं सार्वजनिक स्थानों पर प्रत्येक शनिवार निर्धन, असहाय, जरूरतमंद एवं राहगीरों के लिए निःशुल्क भोजन सेवा का शुभारंभ किया जा रहा है। यह सेवा निरंतर संचालित की जाएगी, जिसका उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक सम्मानपूर्वक भोजन पहुँचाना है।
आयोजक प्रदीप कुमार गांगले ने बताया कि “अन्नदान महादान” भारतीय संस्कृति की सर्वोच्च सेवा परंपराओं में से एक है। उन्होंने कहा कि शहर की सड़कों, मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों पर आज भी अनेक गरीब, मजदूर, वृद्ध एवं बेसहारा लोग भूखे रहने को मजबूर हैं। ऐसे सभी लोग हमारे समाज ही नहीं, बल्कि हमारे अपने परिवार का हिस्सा हैं। यदि हम अपने परिवार के किसी सदस्य को भूखा नहीं देख सकते, तो समाज के इन जरूरतमंद लोगों की सेवा करना भी हमारा नैतिक और मानवीय दायित्व है।
उन्होंने कहा कि श्री श्याम रसोई चलित भंडारा केवल भोजन वितरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि मानवता, सेवा, करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व का एक सतत जनआंदोलन है। इस अभियान में जुड़े सभी सेवा भावी साथी प्रत्येक शनिवार पूरी निष्ठा, समर्पण और श्रद्धा के साथ भोजन तैयार कर जरूरतमंदों तक पहुँचाएंगे।
श्री गांगले ने समाज के सभी दानदाताओं, व्यापारियों, युवाओं एवं सेवा भाव रखने वाले नागरिकों से इस पुण्य अभियान में सहभागी बनने की अपील करते हुए कहा कि “भूखे को भोजन कराना ही सबसे बड़ा धर्म और सच्ची ईश्वर भक्ति है। आइए, मिलकर ऐसा समाज बनाएं जहाँ कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए।”



