प्रदीप कुमार गांगले
खरगोन । लंबे समय से चले आ रहे उत्पादित रसायनिक कपास को जैविक बताकर विदेशों में सप्लाय कर अंतर्राष्ट्रीय बाजार से करोड़ों रुपए हासिल करने का मामला अब दिल्ली पहुंच चुका है। इसमें खरगोन जिले के प्रतिष्ठित व्यापारियों और कंपनियों के नाम भी उजागर किए जा रहे हैं। जिले तक सीमित यह मामला दिल्ली पहुंच गया है। इस पूरे मामले में पूर्व मुख्यमंत्री ने दिल्ली में प्रेसवार्ता कर जैविक कपास के नाम पर 2.1 लाख करोड़ से अधिक के घोटाले का आरोप लगाते हुए इसकी जांच के लिए उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई के नेतृत्व में एसआईटी का गठन करने की मांग कर दी गई हे । उन्होंने कहा इस घोटाले से भारत की जैविक उत्पादों को लेकर वैश्विक विश्वसनीयता पर बट्टा लगा है।
किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है। प्रेसवार्ता में सिंह के साथ शहर कांग्रेस अध्यक्ष पूर्णा ठाकुर मौजूद रहे। सिंह ने कहा इस तरह की धोखाधड़ी में न केवल भारी टैक्स और जीएसटी चोरी हुई है, बल्कि भारत के जैविक उत्पादों की विश्व बाजार में बदनामी हुई है। पिछले एक दशक में 12 लाख किसानों ने 1005 ट्रिलियन रुपये मूल्य का कपास उगाया, लेकिन व्यावसायिक संस्थाओं ने इसे अजैविक बताकर खरीदा और इसे कई गुना कीमत पर जैविक बताकर बेच जा रहा हैं ।



