रोहित दांगी / प्रदीप कुमार गांगले का विशेष कवरेज
खरगोन । “कभी-कभी इंसान के भीतर छिपी संवेदनशीलता ही सबसे बड़ी ताकत होती है। कुछ ऐसा ही नज़ारा देखने को मिला खरगोन में, जहां पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने अपने मानवीय कर्तव्य का परिचय देते हुए एक युवक की जान बचाई।
श्रावण के दूसरे सोमवार के अवसर पर जहां हर शिव भक्तों का तांता लगा हुआ हे वही खरगोन पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा देर शाम जब कानून व्यवस्था का जायज़ा लेने सिरेवेल महादेव मंदिर से लौट रहे थे । अचानक लौटते समय जब वे एक दुर्घटना ग्रस्त बिस्टान रोड स्थित महिंद्रा शोरूम के पास पहुंचे, तो उन्होंने सड़क किनारे भीड़ देखी।
एसपी द्वारा तत्काल तुरंत गाड़ी रुकवाकर जब एसपी वहां पहुंचे, तो देखा कि एक युवक सड़क पर गिरा हुआ पाया गया मौके पर खड़े लोग असहाय लोगों को देख , जिसमें कोई भी तुरंत सहायता नहीं कर पा रहा था।
मानवता का परिचय देते हुए एसपी धर्मराज मीणा ने बिना देरी किए युवक को अपनी शासकीय वाहन में बिठाया और तुरंत जिला अस्पताल ले गए।
अस्पताल पहुंचते ही उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर को युवक की स्थिति से अवगत कराया और तुरंत इलाज शुरू करने के निर्देश दिए। एसपी की तत्परता और संवेदनशीलता से युवक की जान समय पर बचाई जा सकी।
“खाकी वर्दी सिर्फ अनुशासन की नहीं, करुणा और कर्तव्य की पहचान भी बन सकती है। एसपी धर्मराज मीना की यह पहल हर पुलिस अधिकारी के लिए प्रेरणा है।”



