प्रदीप कुमार गांगले
खरगोन। समाजसेवी एवं शिक्षाविद् स्वर्गीय भगवान बड़ोले के आकस्मिक निधन से पूरे क्षेत्र, विशेषकर दलित समाज में गहरा शोक व्याप्त है। उनके निधन की खबर से हर वर्ग में शोक की लहर दौड़ गई। वे जीवनभर समाज के उत्थान, शिक्षा के प्रसार और सामाजिक जागरूकता के लिए समर्पित रहे।
आयोजित शोकसभा में बड़ी संख्या में लोगों ने उपस्थित होकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने उनके संघर्षपूर्ण जीवन, समाजसेवा के प्रति समर्पण और उनके द्वारा दिए गए प्रेरणादायी संदेशों को याद किया। उन्होंने हमेशा डॉ. भीमराव अंबेडकर के सिद्धांत— “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” —को अपने जीवन में आत्मसात कर समाज के बीच जागरूकता फैलाने का कार्य किया।
स्व. बड़ोले ने विशेष रूप से बलाई समाज सहित अन्य वर्गों में शिक्षा और एकता का संदेश दिया तथा महापुरुषों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शोकसभा में हजारों लोगों ने उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के पश्चात उनके पुत्र कपिल और आनंद द्वारा उपस्थितजनों को गौतम बुद्ध एवं बाबा साहब के छायाचित्र भेंट किए गए। साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पीपल का पौधा भी रोपा गया।
स्व. भगवान बड़ोले का जीवन समाज के लिए एक प्रेरणा है, और उनके विचार सदैव लोगों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।



