HomeUncategorizedखरगोन नगर पालिका कर संग्रहण में प्रदेश में अव्वल

खरगोन नगर पालिका कर संग्रहण में प्रदेश में अव्वल

खरगोन। राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना क्रमांक 6602 के अंतर्गत नगरीय निकायों में कर संग्रहण व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं परिणाममुखी बनाने के उद्देश्य से उत्कृष्ट कार्य करने वाले निकायों को प्रोत्साहन राशि प्रदान किए जाने का प्रावधान किया गया है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु कुल ₹2.20 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है, जिसे निर्धारित मापदंडों के आधार पर चयनित नगरीय निकायों को वितरित किया जा रहा है।
संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास, मध्यप्रदेश द्वारा गठित राज्य स्तरीय समिति ने कर वसूली की प्रगति, लक्ष्य पूर्ति का प्रतिशत, बकाया कर की वसूली, डिजिटल भुगतान प्रणाली का उपयोग, अभिलेखों के संधारण, पारदर्शिता एवं नागरिक सुविधा जैसे विभिन्न मानकों पर विस्तृत मूल्यांकन किया। गहन समीक्षा एवं परीक्षण के उपरांत प्रदेश की 10 नगरपालिकाओं तथा 10 नगर परिषदों का चयन उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर किया गया।
चयनित निकायों को पूर्व में प्रोत्साहन राशि की प्रथम किस्त प्रदान की जा चुकी है, जबकि शेष स्वीकृत राशि द्वितीय किस्त के रूप में जारी की जा रही है। शासन का उद्देश्य है कि इस वित्तीय प्रोत्साहन के माध्यम से अन्य नगरीय निकाय भी कर संग्रहण में प्रतिस्पर्धात्मक एवं सकारात्मक कार्यशैली अपनाएं तथा राजस्व वृद्धि की दिशा में प्रभावी प्रयास करें।
इस संबंध में राजस्व निरीक्षक श्री महेश वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि कर संग्रहण की प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी, जवाबदेह एवं तकनीकी रूप से सक्षम बनाने हेतु निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि राजस्व वसूली की प्रत्येक प्रविष्टि का डिजिटल रिकॉर्ड संधारित किया जा रहा है तथा निर्धारित लक्ष्यों की नियमित समीक्षा की जाती है।
श्री वर्मा ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही, अनियमितता, कर वसूली में ढिलाई, राजस्व अभिलेखों में गड़बड़ी अथवा शासन के निर्देशों की अवहेलना पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी/कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी दोहराया कि शासन की मंशा कर संग्रहण प्रणाली को मजबूत कर नगरीय निकायों को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर एवं सक्षम बनाना है, जिससे स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को गति मिल सके।
उन्होंने आगे बताया कि कर राजस्व में वृद्धि से नगरीय क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं — जैसे सड़क, जलापूर्ति, स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट, नाली निर्माण एवं जनसुविधा कार्यों — के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे। शासन का प्रयास है कि प्रत्येक नगरीय निकाय स्वयं की आय के स्रोतों को मजबूत करे और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में आर्थिक बाधाएं न्यूनतम हों।
अंत में उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशानुसार सख्त एवं प्रभावी कार्यवाही की प्रक्रिया भविष्य में भी सतत रूप से जारी रहेगी। साथ ही, उत्कृष्ट कार्य करने वाले निकायों को प्रोत्साहित करने की नीति से स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा और संपूर्ण प्रदेश में कर संग्रहण व्यवस्था अधिक अनुशासित, पारदर्शी एवं परिणामोन्मुख बनेगी।

RELATED ARTICLES

Most Popular